श्री मद गुरुभ्यो नमः

श्री मद गुरुभ्यो नमः

Thursday, September 02, 2010

कुछ प्रयोग की धातुएं -
            

4 comments:

aashish said...

भूपेंद्र जी
उत्तम कार्य वाह! यह तो आपने अच्छा लिख दिया है इससे हम आराम से संस्कृत सीख सकते हैं
धन्यवाद

kapil said...

Bhupendra ji
aapne samay ko sanskrit men kaise kahaenge yah achha likh
Thanku

rakesh said...

sir ji
aapne samay aur dhatuon ka arth achha likha hai,aur bhi dhatuon ka arth likhane ka kasht karen

umakant said...

मम संदेशः
सर्वेषां भर्तियनं कृते मम संदेशः ॥ वयं खलु भारतीयाःअस्माभिः संस्कृतं ज्ञातव्यं-पठितव्यं-भाषितव्यं च॥ परम् न वयं कुर्मः तथा ॥ यदि वयमेव संस्कृताय प्रयासं न करिष्यामः तर्हि को कर्त्ता॥ अतः सर्वे धीमन्तः जगरुकाः भवन्तु-संस्कृतं वदन्तु
उमाकान्तः